ना दिन ढलने का पता चले ,ना रात गुजरने के बाद
हाँ ये हालत है मेरी तेरे जाने के बाद
जैसे फूल और पत्ते टूटतें हैं बिखर जाते है
तेज आंधियों में उखड जाने के बाद ,
सफर जो मीलों चल कर पूरे किये तेरे साथ कभी
आज थक जाते है पैर जमीं से मुलाकात के बाद
कभी आईने में अपनी परछाई देखते है सिहर जाते हैं
हाँ ये हालत है मेरी तेरे जाने के बाद
आवाज जो तेरे साथ गूंजती थी वादियों में रूकती न थी
आज सिमट जाती है हर बात के बाद
मुस्कराहट खो गयी हो जैसे नींद उड़ गयी मेरी
हाँ ये हालत है मेरी तेरे जाने के बाद
हाँ ये हालत है मेरी तेरे जाने के बाद
जैसे फूल और पत्ते टूटतें हैं बिखर जाते है
तेज आंधियों में उखड जाने के बाद ,
सफर जो मीलों चल कर पूरे किये तेरे साथ कभी
आज थक जाते है पैर जमीं से मुलाकात के बाद
कभी आईने में अपनी परछाई देखते है सिहर जाते हैं
हाँ ये हालत है मेरी तेरे जाने के बाद
आवाज जो तेरे साथ गूंजती थी वादियों में रूकती न थी
आज सिमट जाती है हर बात के बाद
मुस्कराहट खो गयी हो जैसे नींद उड़ गयी मेरी
हाँ ये हालत है मेरी तेरे जाने के बाद


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